चोली के पीछे गाने में यह ना करने का बेहत अफ़सोस है ईला को
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ईला अरुण ने माना है कि उन्होंने अपने करियर के कुछ मुकाम पर ऐसे निर्णय लिए, जो उनके लिए सही साबित नहीं हुए और इस बात का उन्हें अफ़सोस है।
ईला बताती हैं कि वह ऐसे परिवार से संबंध रखती हैं कि अगर अपने घर से कभी बाहर निकलीं और दुप्पटा भूल गयीं तो दौड़ कर पहले घर आती थीं और डरते-डरते मां से दुप्पटा मांगती थीं। अब एक ज़माना ऐसा आया है, जब ईला कहती हैं कि दुप्पटे वाले तो ड्रेस भी नहीं होते अब। ऐसे में जब उनके सामने ‘खलनायक’ का गाना ‘चोली के पीछे क्या है..’ का ऑफर आया तो सुभाष घई ने उन्हें कैमरे के सामने माधुरी के साथ यह गाना परफॉर्म करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने इस डर से मना कर दिया था, कि ना जाने लोग क्या कहेंगे और उनके परिवार वाले कैसे रीयेक्ट करेंगे।
ईला बताती हैं कि सच तो यह है कि नीना ने भी इस गाने के साथ पूरा न्याय किया है। ईला कहती हैं कि आपको बता दूं इस गाने की रिकॉर्डिंग में मैं इतना झूम-झूम कर,, नाच नाच कर एक्टिंग कर कर के यह गाना गा रही थी। फिर सुभाष जी और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी कहते कि माइक पर रहो। ईला उन दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि अलका (याग्निक) नयी नयी आयीं थीं और बहुत घबराई हुई थी कि ये गाना गाना सही होगा कि नहीं। इमेज तो नहीं बिगड़ जायेगी। उस दौर में इतना सोचते थे हम। ईला को अफ़सोस इस बात का है कि उस वक़्त इस गाने के हिट होने के बाद उन्हें लगातार ऐसे ही गाने ऑफर होने लगे थे, और उन सबको उन्होंने ना कहा था। ईला, लता मंगेशकर और आशा भोंसले की फैन हैं।
आशा के साथ एक वाकया याद करते हुए बताती हैं कि एक दिन हम एअरपोर्ट पर टकराए तो बैठे गप्प मारने लगे। आशाजी मुझे मेरे सारे गाने अपने अंदाज़ में गा गा कर सुना रही थीं और मुझे लग रहा था, वाह, आशा जी ने कितने ध्यान से मेरा गाना सुना है। लताजी ने लम्हे के गाने की रिकॉर्डिंग के बाद मुझसे पूछा था “कहीं से सिंगिंग सीखी है।”