कैश संकट : स्याही खरीदने के पैसे नहीं, नहीं छप रहे 500 के नोट
न्यूज डेस्क
देश को कैश संकट से उबारने के लिए आरबीआई बड़ी तादाद में 200 और 500 रुपये के नोटों की छपाई की कोशिश पर पानी फिरता दिख रहा है। नोटों की छपने वाली स्याही ही ख़त्म हो गयी है। खबर के अनुसार नासिक नोट प्रेस में स्याही खत्म हो जाने के कारण नोटों की छपाई में रुकावट आ गई है।
छापाखाना कामगार परिसंघ के अध्यक्ष जगदीश गोडसे का कहना है कि, “नोटों को छापने के लिए जिस स्याही का इस्तेमाल होता है उसे आयात किया जाता है। ये स्याही वर्तमान समय में उपलब्ध नहीं है। इसके कारण 200 रुपये और 500 रुपये के नोटों की छपाई रुक गई है। ”
गोडसे ने आगे कहा कि देश में कैश की कमी का कारण स्याही ख़त्म होना भी हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि नोटों की छपाई कब से बंद है।
बता दें कि यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार ने एक दिन पहले ही 500 रुपये के नोटों की छपाई को पांच गुना बढाने का आदेश दिया है। ताकि अगले महीने 75 हजार करोड़ रुपये के नये नोटों की आपूर्ति की जा सके।
नासिक की नोट प्रेस में पिछले नवंबर से 500 रूपए का नोट नहीं छपा। जबकि प्रेस में अप्रैल से 200, 100 और 50 रुपये के नोटों की प्रिंटिंग में 44 प्रतिशत की कमी हुई है।
खबर अनुसार, नासिक प्रिंटिंग प्रेस को आरबीआई ने 18 मिलियन नोट छापने का टारगेट दिया था। इसी तरह 20 और 100 रुपये के नोटों की भी छपाई 1 अप्रैल को रोक दी गई थी. इसके पीछे कारण नए नोटों की डिज़ाइन का बताया जा रहा है।