सिर्फ 27 साल और जवान नहीं बूढ़ा होगा भारत, 2046 तक बच्चों से हो जाएगी अधिक
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यूएनएफपीए की ‘इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023’ के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर बुजुर्गों (60+ वर्ष) की आबादी का हिस्सा 2021 में 10.1 प्रतिशत से बढ़कर 2036 में 15 प्रतिशत और 2050 में 20.8 प्रतिशत होने का अनुमान है.
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सदी के अंत तक, देश की कुल आबादी में बुजुर्गों की संख्या 36 प्रतिशत से अधिक होगी. 2010 के बाद से बुजुर्गों की आबादी में तीव्र वृद्धि देखी गई है, साथ ही 15 वर्ष से कम आयु वर्ग में गिरावट देखी गई है.’
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में बुजुर्गों की आबादी अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है और उम्मीद की जा सकती है कि सदी के मध्य तक यह बच्चों की आबादी से अधिक हो जाएगी. इसमें कहा गया है, ‘2050 से चार साल पहले, भारत में बुजुर्गों की जनसंख्या का आकार 0-14 वर्ष की आयु के बच्चों की जनसंख्या के आकार से अधिक होगा. उस समय तक, 15-59 वर्ष की जनसंख्या हिस्सेदारी में भी गिरावट देखी जाएगी. निस्संदेह, आज का अपेक्षाकृत युवा भारत आने वाले दशकों में तेजी से बूढ़ा होता समाज बन जाएगा.’
भारत में उम्र बढ़ने की एक विशिष्ट विशेषता राज्यों में जनसांख्यिकीय संक्रमण के विभिन्न चरणों और गति को देखते हुए, बुजुर्ग आबादी के पूर्ण स्तर और वृद्धि (और इसलिए, हिस्सेदारी) में महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय भिन्नता है.